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Toggleब्रेन स्ट्रोक क्या है? लक्षण, कारण और इलाज | इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर अमित देवड़ा से।
ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर और अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी हो सकती है। भारत में हर साल लाखों लोग ब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित होते हैं, लेकिन सही जानकारी और तुरंत इलाज से कई ज़िंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर, डॉ. अमित देवड़ा के अनुसार, स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना और बिना देरी इलाज शुरू करना सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।
इस लेख में हम ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े सभी जरूरी सवालों के आसान और स्पष्ट जवाब जानेंगे।
ब्रेन स्ट्रोक कितने प्रकार के होते हैं?
ब्रेन स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
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इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke)
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हेमोरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke)
इन दोनों के कारण, लक्षण और इलाज की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर अमित देवड़ा बताते हैं कि लगभग 80% मरीज इस्केमिक स्ट्रोक से प्रभावित होते हैं।
इस्केमिक स्ट्रोक और हेमोरेजिक स्ट्रोक में क्या अंतर है?
इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग की किसी नस में खून का थक्का जम जाता है और ब्लड सप्लाई रुक जाती है।
वहीं हेमोरेजिक स्ट्रोक में दिमाग की नस फट जाती है और अंदर रक्तस्राव होने लगता है।
सरल शब्दों में:
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इस्केमिक = नस में ब्लॉकेज
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हेमोरेजिक = नस का फटना
दोनों ही स्थितियों में तुरंत न्यूरोसर्जन से संपर्क ज़रूरी होता है।
कैसे पता चलेगा कि व्यक्ति को दौरा पड़ रहा है?
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं। इन्हें पहचानने के लिए FAST टेस्ट बहुत उपयोगी है:
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F (Face): चेहरा एक तरफ लटकना
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A (Arm): हाथ या पैर में अचानक कमजोरी
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S (Speech): बोलने में लड़खड़ाहट
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T (Time): समय बर्बाद न करें, तुरंत अस्पताल जाएँ
इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर, डॉ. अमित देवड़ा के अनुसार, लक्षण दिखते ही गोल्डन आवर में इलाज शुरू होना चाहिए।
ब्रेन स्ट्रोक के कौन से कारण हो सकते हैं?
ब्रेन स्ट्रोक के सामान्य कारण इस प्रकार हैं:
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हाई ब्लड प्रेशर
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डायबिटीज
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धूम्रपान और शराब
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मोटापा
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कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
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दिल की बीमारी
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तनाव और अनियमित जीवनशैली
इन कारणों को नियंत्रित कर स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या बढ़ती हुई उम्र में अधिक होता है स्ट्रोक का खतरा?
हाँ, उम्र बढ़ने के साथ स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है। 55 वर्ष के बाद नसों की लचीलापन कम होने लगता है। लेकिन आजकल गलत लाइफस्टाइल के कारण युवा भी स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर, डॉ. अमित देवड़ा बताते हैं कि समय-समय पर हेल्थ चेकअप हर उम्र में जरूरी है।
स्ट्रोक होने पर प्राथमिक चिकित्सा में क्या करें और क्या न करें?
क्या करें:
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मरीज को सीधा लिटाएँ
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सिर को थोड़ा ऊँचा रखें
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तुरंत एम्बुलेंस बुलाएँ
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मरीज से बात करते रहें
क्या न करें:
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खाना या पानी न दें
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घरेलू नुस्खे न आजमाएँ
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देर न करें
गलत प्राथमिक सहायता स्थिति को और बिगाड़ सकती है।
ब्रेन स्ट्रोक का इलाज कैसे किया जाता है?
इलाज स्ट्रोक के प्रकार पर निर्भर करता है:
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इस्केमिक स्ट्रोक में ब्लड थिनर या थ्रोम्बोलाइसिस
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हेमोरेजिक स्ट्रोक में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है
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आईसीयू मॉनिटरिंग
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फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन
इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर, डॉ. अमित देवड़ा के अनुसार, आधुनिक न्यूरोसर्जरी और समय पर इलाज से रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।
स्ट्रोक रोगी की देखभाल कैसे करें?
स्ट्रोक के बाद मरीज को भावनात्मक और शारीरिक दोनों तरह की देखभाल चाहिए:
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नियमित दवाइयाँ
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फिजियोथेरेपी
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संतुलित आहार
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धैर्य और सकारात्मक माहौल
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डॉक्टर की सलाह का पालन
परिवार का सहयोग मरीज की रिकवरी में बड़ी भूमिका निभाता है।
मरीज को ठीक होने में कितना समय लगता है?
रिकवरी का समय हर मरीज में अलग होता है। कुछ मरीज कुछ हफ्तों में सुधर जाते हैं, जबकि कुछ को महीनों लग सकते हैं। सही इलाज, थेरेपी और देखभाल से सुधार तेज़ होता है। इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर, डॉ. अमित देवड़ा बताते हैं कि धैर्य और नियमित फॉलो-अप बहुत जरूरी है।
क्या ब्रेन स्ट्रोक होने से रोका जा सकता है?
पूरी तरह नहीं, लेकिन खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है:
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ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें
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रोज़ाना हल्का व्यायाम
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नमक और तले भोजन से बचें
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तनाव कम करें
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धूम्रपान छोड़ें
स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव है।
निष्कर्ष
ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। सही जानकारी, समय पर पहचान और अनुभवी डॉक्टर से इलाज जीवन बचा सकता है। यदि आपको या आपके किसी अपने को स्ट्रोक से जुड़े लक्षण दिखें, तो देरी न करें और तुरंत इंदौर बेस्ट ब्रेन स्ट्रोक डॉक्टर अमित देवड़ा से संपर्क करें।





















