ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) की समस्या शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव - Neurosurgeon Dr. Amit Deora

ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) से शरीर के अंगों पर होने वाले प्रभाव को जानें

मानव मस्तिष्क हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग है। जब मस्तिष्क में किसी भी प्रकार का असंतुलन होता है, तो उसका प्रभाव पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। ऐसी ही एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस), जिसमें दिमाग के भीतर सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) का असामान्य रूप से जमाव हो जाता है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) क्या है - Dr. Amit Deora Neurosurgeon in Indore

ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) क्या है?

सामान्य अवस्था में मस्तिष्क में एक निश्चित मात्रा में तरल पदार्थ मौजूद रहता है, जो दिमाग को सुरक्षा और पोषण देता है। लेकिन जब यह तरल सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता या अत्यधिक बनने लगता है, तो ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) की स्थिति उत्पन्न होती है। इससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ता है, जो शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है।

शरीर के अंगों पर हाइड्रोसिफ़लस का प्रभाव

ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसेफलस) केवल दिमाग तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ते हैं।

1. मस्तिष्क और मानसिक क्षमता पर असर

दिमाग में बढ़ा हुआ दबाव याददाश्त कमजोर कर सकता है। मरीज को ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, भ्रम की स्थिति, चिड़चिड़ापन और व्यवहार में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

2. आंखों और दृष्टि पर प्रभाव

हाइड्रोसेफेलस के कारण आंखों की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे धुंधला दिखाई देना, दोहरा दिखना या आंखों में दर्द की समस्या हो सकती है।

ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है।

3. हाथ-पैर और चलने की क्षमता

जब ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) बढ़ता है, तो शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। मरीज को चलने में लड़खड़ाहट, कमजोरी या हाथ-पैरों में जकड़न महसूस हो सकती है।

4. मूत्राशय और पाचन तंत्र

कई मामलों में मरीज को बार-बार पेशाब लगना या पेशाब पर नियंत्रण न रहना जैसी समस्याएं होती हैं। साथ ही कब्ज या भूख न लगना भी देखा जा सकता है।

5. शिशुओं में शारीरिक विकास पर असर

शिशुओं में ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) सिर के आकार को असामान्य रूप से बढ़ा सकता है, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है।

समय पर इलाज क्यों ज़रूरी है?

यदि ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसेफलस) का समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह स्थायी मस्तिष्क क्षति, लकवा, दृष्टि हानि या मृत्यु का कारण भी बन सकता है। आधुनिक न्यूरोसर्जरी तकनीकों के माध्यम से अब इसका सफल इलाज संभव है।


शिशु में हाइड्रोसिफ़लस क्या होता है - ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

शिशु में हाइड्रोसिफ़लस क्या होता है?

इंदौर के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अमित देवड़ा के अनुसार, शिशुओं में हाइड्रोसिफ़लस एक ऐसी स्थिति है जिसमें जन्म से ही या जन्म के तुरंत बाद दिमाग में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इससे सिर का आकार बढ़ने लगता है और बच्चे के मस्तिष्क के विकास पर असर पड़ता है।

शिशुओं में हाइड्रोसिफ़लस किस कारण होता है?

डॉ. अमित देवड़ा बताते हैं कि शिशुओं में हाइड्रोसेफेलस के प्रमुख कारणों में जन्मजात विकार, मस्तिष्क में संक्रमण, ब्रेन ब्लीडिंग या गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताएं शामिल हैं। समय पर पहचान और इलाज बहुत आवश्यक होता है।

वयस्कों में हाइड्रोसिफ़लस किस कारण होता है?

वयस्कों में ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) अक्सर ब्रेन ट्यूमर, सिर में गंभीर चोट, ब्रेन स्ट्रोक, मस्तिष्क संक्रमण या पहले की गई सर्जरी के बाद हो सकता है। डॉ. अमित देवड़ा के अनुसार, लक्षण दिखते ही न्यूरोसर्जन से संपर्क करना चाहिए।

बच्चों में हाइड्रोसिफ़लस का इलाज करने वाले डॉक्टर कौन हैं?

यदि आप बच्चों में हाइड्रोसेफेलस के इलाज के लिए अनुभवी डॉक्टर की तलाश में हैं, तो न्यूरोसर्जन डॉ. अमित देवड़ा एक विश्वसनीय नाम हैं। वे आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शंट सर्जरी और अन्य न्यूरोसर्जिकल उपचारों में विशेषज्ञता रखते हैं।


निष्कर्ष

ब्रेन में पानी भरना (हाइड्रोसिफ़लस) एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है। सही समय पर पहचान, अनुभवी न्यूरोसर्जन और उचित उपचार से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। यदि आपको या आपके बच्चे में इसके लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना ही समझदारी है।